ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।

खोकर पाने का मज़ा ही कुछ और है, रोकर मुस्कराने का मज़ा ही कुछ और है, हार तो जिंदगी का हिस्सा है मेरे दोस्त, हारने के बाद जीतने का मज़ा ही कुछ और है।

अभी तो असली उड़ान बाकी है, परिंदे का इम्तिहान बाकी है, अभी अभी तो लांघा है समुंदर, अभी तो पूरा असमान बाकी है।

क्यों हारता है गैर साथ नहीं है, क्या खुद का साया भी तेरे पास नहीं, ये हाथ जो तेरे साथी है, तो एक अकेला काफी है।

जिंदगी एक बार मिलती है बिल्कुल गलत है, सिर्फ मौत एक बार मिलती है जिंदगी हर रोज मिलती है।

बदल जाओ वक्त के साथ या फिर वक्त बदलना सीखो, मजबूरियों को मत कोसो, हर हाल में चलना सीखो।

जिंदगी में टेंशन ही टेंशन है, फिर भी इन लबों पर मुस्कान है, क्योंकि जीना जब हर हाल में है, तो मुस्कुराकर जीने में क्या नुकसान है।

सिक्का दोनों का होता है, हेड का भी, टेल का पर वक्त सिर्फ उसका होता है, जो पलटकर ऊपर आता है।

खुद से जीतने की जिद है, मुझे खुद को ही हराना है, मैं भीड़ नहीं हूँ दुनिया की, मेरे अंदर एक ज़माना है।

स्वयं की खोज में हूँ, शांत एवं मौन मै हूँ, पथिक हूँ मैं सत्य पथ का, मैं स्वयं में ही व्यस्त हूँ।

मालूम है कि ख़्वाब झूठे हैं, और ख्वाहिशें अधूरी हैं, पर जिंदा रहने के लिए, कुछ गलतफहमी भी जरूरी है।

दुआ कभी साथ नहीं छोड़ती और बद्दुआ कभी पीछा नहीं छोड़ती, जो दोगे वही लौटकर आएगा, चाहे वह इज्जत हो या फिर धोखा।

अहंकार उसी को होता है, जिसे बिना किसी संघर्ष के सब कुछ प्राप्त होता है और जिसने अपनी मेहनत से हासिल किया है, वही दूसरों की मेहनत की कद्र करता है।

जो दूसरे को इज्जत देता है, असल में वो खुद इज़्ज़तदार होता है, क्योंकि इंसान दूसरो को वही चीज देता है, जो उसके पास होता है।